ग्रेटर नोएडा में किराए की कार से लूटपाट करने वाले 5 बदमाश गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा। थाना सूरजपुर पुलिस ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो किराए की कार लेकर राहगीरों और टैक्सी चालकों से लूटपाट करता था। पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 20 मोबाइल फोन, दो कारें, कैश, दो तमंचे, कारतूस और तीन चाकू बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंकित सिंह, दीपांशु, तरुण ठाकुर, नवाब भाटी उर्फ संदीप भाटी और मोहित राजपूत के रूप में की है। सभी आरोपियों को सेक्टर ईटा-01 के पास से धर दबोचा गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और एनसीआर के विभिन्न इलाकों में रात के समय सक्रिय रहते थे और लिफ्ट देने के बहाने अपने शिकारों को अपनी कार में बिठा कर उनसे मारपीट कर मोबाइल फोन, नकदी और अन्य कीमती सामान लूट लेते थे।
गिरोह ने टैक्सी चालकों को भी निशाना बनाया था। आरोपियों की चालाकी थी कि वे अपनी गाड़ियों को जानबूझ कर लहराते हुए चलाते ताकि चालकों को रोकना पड़े। जब टैक्सी चालक उन्हें रोकते या विरोध करते, तो आरोपियों द्वारा गाली-गलौज और मारपीट की जाती और उनका मोबाइल, कैश व अन्य ज़रूरी सामान छीन लिया जाता। वारदात के बाद आरोपी चालक की गाड़ी की चाबी भी छीन लेते थे ताकि वह उनका पीछा न कर सके।
एक घटना 16 मई 2026 को सेक्टर ईटा-01 के पास घटी थी, जिसमें एक टैक्सी चालक के साथ मारपीट कर उससे मोबाइल फोन, पाँच हज़ार रुपए नकद और कार की चाबी लूट ली गई थी। इस मामले में थाना सूरजपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस की जांच के दौरान स्थानीय इंटेलिजेंस की मदद से यह गिरोह पकड़ में आया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अधिकांश घटनाओं में किराए की कारों का इस्तेमाल करते थे ताकि पुलिस तक पहुंच पाना मुश्किल हो। इन्हीं कारों में से वेन्यू और थार कार बरामद हुई हैं, जिनका उपयोग लूटपाट में किया गया था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के सदस्य मोहित राजपूत सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों तथा उनके अन्य अपराधों की भी छानबीन कर रही है। साथ ही बरामद मोबाइल फोन की मदद से अन्य पीड़ितों की पहचान की कोशिश की जा रही है।
ग्रेटर नोएडा पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में अपराध की संख्या कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस जनता से अपील करती है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या घटना की सूचना जल्द से जल्द नजदीकी थाने या हेल्पलाइन नंबर पर दें ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।




