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झारखंड

प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: सीएम हेमंत सोरेन

रांची। झारखंड में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकता होनी चाहिए।

सीएम ने राज्य के सरकारी अस्पतालों में बुनियादी स्वास्थ्य ढांचे, दवाओं की उपलब्धता एवं डिजिटल मॉनिटरिंग प्रणाली की जांच की। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति एवं कार्यकुशलता को सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग सीधे जनता से जुड़ा हुआ है, इसलिए सेवा की गुणवत्ता में कोई कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने अस्पतालों में एम्बुलेंस सेवा की गुणवत्ता को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि आपातकालीन सेवाओं को तेजी से और प्रभावी बनाया जाए। इसके लिए एआई आधारित कंट्रोल रूम स्थापित करने की बात कही। सीएम ने कहा कि आपातकाल में एक मिनट भी मूल्यवान होता है, इसलिए एम्बुलेंस की तत्परता और क्रियाशीलता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षित प्रसव व्यवस्था को दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीक के उपयोग और हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम को मजबूत करने को लेकर भी अधिकारियों को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने उबर कॉन्सेप्ट की तर्ज पर आपातकालीन सेवाओं के विस्तार की योजना बनाने को कहा। इसके अलावा, मानव संसाधन की कमी को दूर करने हेतु एएनएम और जीएनएम की नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने पर बल दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कोविड के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्वास्थ्य मुद्दे अलग हैं, इसलिए योजनाएं इन्हीं के अनुरूप तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने कैंसर, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और मधुमेह जैसे रोगों के लिए विशेष आपातकालीन सेवाओं का गठन करने के निर्देश भी दिए।

सीएम ने स्वास्थ्य संस्थानों की स्वच्छता सुधरवाने के लिए पीपीपी मोड पर काम करने की योजना बनाई, ताकि मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के विकास, पीजी व यूजी सीटों में वृद्धि, और विशेषज्ञ चिकित्सकों के इंटरैक्शन पर भी विचार किया। किडनी, लीवर, कॉर्निया जैसे अंगदान के लिए जागरूकता अभियान चलाने और ब्लड बैंक व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश भी जारी किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में सेंट्रल रेडियोलॉजी हब की स्थापना हुई है जो देश का पहला ऐसा केंद्र है जो सभी जिलों से जुड़ा है। अस्पतालों को एयर कूल बनाने, वर्न यूनिट की मरम्मत और गंभीर बीमारी उपचार योजनाओं की समीक्षा भी की गई। उन्होंने सभी अस्पतालों में आपातकालीन सुविधाएं और दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

उन्होंने जामताड़ा के हेल्थ सब सेंटर और गिरिडीह के डुमरी रेफरल अस्पताल से ऑनलाइन माध्यम से भी जुड़कर वहां की सुविधाओं, तैनाती, प्रसव सेवा और समग्र स्वास्थ्य सेवा की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने सुरक्षित प्रसव और स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण को सर्वोच्च महत्व दिया।

इस समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है कि वह प्रत्येक नागरिक तक आम, गरीब और दूरस्थ क्षेत्र के लोगों तक बेहतर, तेज़ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता बनी रहे। इस योजना में तकनीकी नवाचारों का समावेश कर स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार लाने का संकल्प जाहिर किया।

इस बैठक से यह स्पष्ट हुआ कि झारखंड सरकार जनहितकारी स्वास्थ्य सेवाओं को व्यापक रूप से बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिससे हर नागरिक को जीवन निर्मल, स्वस्थ और सुरक्षित बनाए रखने हेतु सशक्त स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्राप्त हो सके।

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