hi Hindi en English ur Urdu
उत्तर प्रदेश

यूपी में ‘गिरगिट’ पर घमासान: CM योगी के बयान पर अखिलेश यादव ने दिया करारी प्रतिक्रिया – ‘असली रंग तो भाजपा वाले बदलते हैं’

लखनऊ। बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम ने प्रदेश की राजनीतिक गर्माहट को बढ़ा दिया है। कार्यक्रम में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘गिरगिट’ वाले बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और भाजपा पर सरकार की नीतियों के बदलते रंगों का आरोप लगाया।

अखिलेश यादव ने कहा कि वर्तमान सरकार हालात के अनुसार अपने रुख में बदलाव करती रहती है, जिससे जनता का ध्यान असली समस्याओं से भटकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आर्थिक, सामाजिक और कानून-व्यवस्था की कई ज्वलंत समस्याएं हैं, जिनसे निपटना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए न कि राजनीतिक बयानबाज़ी करना।

बौद्ध आस्था से जुड़े प्रमुख स्थलों लुंबनी, सारनाथ और कुशीनगर के विकास की बात करते हुए सपा प्रमुख ने इसे प्रदेश के साथ-साथ विश्वभर में एक महत्वपूर्ण पहचान दिलाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि इन पवित्र स्थलों का सुचारू विकास होकर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को मजबूती मिले।

मुख्यमंत्री के ‘गिरगिट’ बयान पर पलटवार करते हुए अखिलेश ने साफ कहा कि भाजपा के नेता अपनी नीतियों और बयानों में बार-बार बदलाव करते हैं, जो सत्ता बचाने की रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ‘नारी वंदन’ जैसे मुद्दों का सहारा लेकर जनता के ध्यान को बाकी गंभीर विषयों से भटकाना चाहती है।

महिला आरक्षण के मसले पर उन्होंने बताया कि यह प्रावधान सभी राजनीतिक दलों की सहमति से पारित हुआ था, मगर भाजपा इसे केवल राजनीतिक लाभ के लिए भटकाव के रूप में प्रयोग कर रही है। इसके अलावा, परिवर्तित परिसीमन और चुनाव संबंधी संशोधनों पर उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए और कहा कि यह रणनीति केवल अपनी सत्ता को बनाए रखने की दिशा में है।

कानून-व्यवस्था के हालात पर बोले अखिलेश यादव ने ‘बुलडोजर नीति’ की कड़ी आलोचना की और हरदोई तथा वाराणसी की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय हैं। साथ ही, स्मार्ट मीटर योजना, गेहूं खरीद में देरी, श्रम कानूनों में बदलाव और अयोध्या मास्टर प्लान में बार-बार संशोधन जैसे मुद्दों को भी उन्होंने सरकार की विफलताओं के उदाहरण के तौर पर उठाया।

सपा प्रमुख ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार अपनी नीतियों के जरिए चुनिंदा वर्गों को फायदा पहुंचा रही है, जिससे सामाजिक न्याय में बाधा आ रही है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षुओं ने भाग लिया और ‘बुद्धं शरणं गच्छामि’ के उद्घोष से परिसर गुंजायमान हो उठी। भिक्षुओं ने बौद्ध धर्म के उपदेशों का पाठ किया और वक्ताओं ने महिलाओं के सशक्तिकरण तथा पिछड़े वर्गों के अधिकारों पर जोर दिया।

प्रदेश के वर्तमान हालात और आगामी चुनौतियों को देखते हुए सपा प्रमुख ने सभी वर्गों से मिलकर आगे बढ़ने का आह्वान किया और समाज में समरसता और विकास के लिए काम करने की बात कही। उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील की कि वे सतर्क रहें और अपने अधिकारों के लिए जागरूक होकर राजनीतिक बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाएं।

Source

Related Articles

Back to top button