सर्राफा कारोबार में संकट, पुलिस उगाही से त्रस्त व्यापारी: अखिलेश यादव

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ में स्वर्णकार समाज के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए सरकार की आर्थिक नीतियों और पुलिस की बढ़ती उगाही पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के सर्राफा कारोबार पर इन हालातों का गंभीर प्रभाव पड़ रहा है और व्यापारी लगातार परेशान हैं।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि प्रदेश में रोजाना 10 से 15 व्यापारी पुलिस की ओर से दबाव और वसूली के कारण संकट में हैं। सरकार की गलत नीतियों ने व्यवसायिक वर्ग को कमजोर किया है, खासकर स्वर्णकार समाज जो देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
उन्होंने कहा, “जब आम जनता के हाथ में पैसा नहीं होगा, तब अर्थव्यवस्था मजबूत होने का दावा कैसे किया जा सकता है? सोने की बढ़ती कीमतें और महंगाई ने व्यापारियों पर बोझ बढ़ा दिया है।” उन्होंने केंद्र सरकार पर भी आरोप लगाया कि कुछ बड़ी पूंजीपतियों के हाथों देश की संसाधन सीमित हो रही है, जिससे छोटे और मध्यम कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
स्वर्णकार समाज को सरकार की ओर से उचित सुरक्षा और सम्मान नहीं मिलने को लेकर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की। सपा प्रमुख ने भरोसा दिलाया कि उनकी पार्टी 2027 में सत्ता में आने पर स्वर्णकार बोर्ड का गठन करेगी, एक डिजाइन विश्वविद्यालय स्थापित करेगी और संत नरहरि दास महाराज की प्रतिमा गोमती रिवरफ्रंट पर स्थापित करा जाएगी।
अखिलेश यादव ने प्रदेश में चल रहे भ्रष्टाचार और जमीन घोटालों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि अयोध्या, आगरा, गोरखपुर, लखनऊ और प्रयागराज में बड़े पैमाने पर जमीनों की खरीद-फरोख्त हुई है जिसमें भाजपा नेताओं की भूमिका है। उन्होंने भाजपा पर समाज को बांटने की राजनीति करने का भी आरोप लगाया और कहा कि 2027 में जनता इसका जवाब देगी।
कार्यक्रम में मौजूद स्वर्णकार समाज के अन्य प्रतिनिधियों ने भी सरकार की एजेंसियों के दुरुपयोग और व्यापारियों को डराने-धमकाने की बात कही। अखिलेश यादव ने अंत में कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर सभी को न्याय और सुरक्षा मिलेगी, और प्रदेश में शांति-संपन्नता कायम रखी जाएगी।




