hi Hindi en English ur Urdu
उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश: मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ने बिल्डर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, बोले- खरीददारों के पैसों का खेल बर्दाश्त नहीं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने नोएडा में बिल्डर्स और फ्लैट खरीददारों के बीच चल रहे विवादों को त्वरित और प्रभावी ढंग से हल करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधूरे प्रोजेक्टों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और डिफाल्टर बिल्डर्स पर सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है। यह निर्देश मंगलवार को नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में दिए गए।

मंत्री नन्दी ने अधिकारियों को साफ कहा कि विकास कार्यों में भ्रष्टाचार, अनियमितता तथा लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि नोएडा को एक व्यवस्थित, स्वच्छ और विश्वस्तरीय स्मार्ट शहर बनाने के लिए व्यापक बदलाव आवश्यक हैं।

उन्होंने अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करने तथा वर्षों से अधूरे पड़े प्रोजेक्टों को पुनर्जीवित करने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री प्रक्रिया को तेज करने का आग्रह किया जिससे लोग अपने अधिकारों का लाभ समय से उठा सकें।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कुल 57 परियोजनाएं इस नीति के दायरे में हैं, जिनमें से 36 बिल्डर्स ने 25 प्रतिशत धनराशि जमा कर दी है जबकि छह बिल्डर्स ने अभी तक कोई भुगतान नहीं किया है। मंत्री नन्दी ने इस स्थिति पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि लोगों की मेहनत की कमाई कई वर्षों से फंसी हुई है और फ्लैट मिली होने के बावजूद रजिस्ट्री न होने के कारण वे किराये के मकानों में रहने को मजबूर हैं।

उन्होंने विशेष रूप से सनसाइन इंफ्रा, महागुन, अंतरिक्ष डेवलपर और परफेक्ट एसोटेक समेत कई बिल्डर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। साथ ही, सिंगल बिड सिस्टम से फंसाई जा रही अलॉटमेंट पर भी सवाल उठाए और अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की।

मंत्री ने जल आपूर्ति और सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव के काम में एक ही फर्म को लगातार काम दिए जाने की शिकायतों के मद्देनजर जांच कर प्राथमिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। दोषी पाए जाने पर संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने का भी आदेश दिया।

नोएडा में बढ़ रहे अवैध कब्जों और निर्माण पर मंत्री नन्दी ने चिंता जताई और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने नोएडा के सभी 168 सेक्टरों की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और लापरवाही पर भारी जुर्माना लगाने की भी बात कही। मंत्री नन्दी ने कहा कि नोएडा उत्तर प्रदेश का मुकुट है और उसकी वैश्विक पहचान को मजबूत करने के लिए शहर को स्वच्छ, हराभरा और सुंदर बनाना आवश्यक है।

अधिकारियों को उन्होंने पार्कों की स्थिति सुधारने, एंट्री पॉइंट और सड़कों किनारे बड़े पैमाने पर पौधरोपण करने तथा औद्योगिक क्षेत्रों में ग्रीनरी अनिवार्य करने के निर्देश भी दिए।

मंत्री नेHORTICULTURE विभाग पर वार्षिक 170 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की सूचना दी और कहा कि इसके जमीन पर दिखने वाला प्रभाव होना चाहिए। उन्होंने जल आपूर्ति और सार्वजनिक शौचालयों की खराब स्थिति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही, पिछले वर्षों में जारी सभी आरएफपी की जांच करवाने के निर्देश भी दिए।

मंत्री नन्दी के ये सख्त निर्देश नोएडा के विकास और नागरिकों की परेशानियों को दूर करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। इससे उम्मीद है कि बिल्डर्स के गलत कार्यों पर लगाम लगेगी और फ्लैट खरीददारों को उनके अधिकार जल्द प्राप्त होंगे।

Source

Related Articles

Back to top button