कांग्रेस ने हरियाणा के SIR अभ्यास की निगरानी समिति का विस्तार किया; हुड्डा ने BJP की आलोचना की

नई दिल्ली। भारत की प्रमुख राजनीतिक पार्टी कांग्रेस ने हरियाणा में विशेष सत्यापन और पहचान रिपोर्ट (SIR) प्रक्रिया की निगरानी के लिए गठित समिति का दायरा बढ़ा दिया है। इस विस्तार का मकसद सुनिश्चित करना है कि हरियाणा में मतदान प्रक्रिया पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ पूरी हो। पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस संदर्भ में भाजपा पर कड़ी टिप्पणियां कीं।
हुड्डा ने कहा, “कांग्रेस किसी भी वैध मत को गलत तरीके से हटाने या किसी भी अवैध मत को रखने की अनुमति नहीं देगी।” उनका यह बयान SIR प्रक्रिया के महत्व को रेखांकित करता है, जिसके अंतर्गत मतदाता सूची की जांच की जाती है ताकि केवल योग्य मतदाता ही चुनाव में हिस्सा लें। यह प्रक्रिया चुनाव की गुणवत्ता और निष्पक्षता को बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा लागू की गई है।
हुड्डा ने भाजपा पर सीधे वार करते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस प्रक्रिया के नाम पर राजनीतिक रंजिष और वोटों की मनमानी कटौती करना चाहती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी क्षेत्र में लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों का कड़ा रक्षक बनकर रहेगी और किसी भी प्रकार के असत्यापन या वोट कटौती को बर्दाश्त नहीं करेगी।
इससे पहले, हरियाणा में SIR प्रक्रिया में कई मतदाताओं की सूची में सुधार किया गया था, जिससे कुछ मतदाताओं की आवाज उठी कि उन्हें गलत तरीके से वोटर सूची से हटाया गया है। कांग्रेस ने इसको गंभीर मामला बताया और विधानसभा में इसे चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर हमला करार दिया।
कांग्रेस के इस कदम और हुड्डा के कड़े बयान से राजनीतिक गर्माहट बढ़ी है। भाजपा ने अभी तक इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर यह प्रक्रिया और उससे जुड़ी जांचें दोनों पक्षों के लिए रणनीतिक महत्व रखती हैं।
कांग्रेस की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, समिति के विस्तार के तहत अब और अधिक स्वतंत्र एवं अनुभवी सदस्यों को शामिल किया गया है, ताकि हरियाणा की विधानसभा चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे। कांग्रेस ने हतोत्साहित होने के बजाय इसे लोकतंत्र की मजबूती के रूप में पेश किया है।
विपक्ष ने कहा है कि राज्य के मतदाताओं को इस बात की पूरी जानकारी होनी चाहिए कि उनका मतदान सुरक्षित है और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। कांग्रेस का दृढ़ मानना है कि लोकतंत्र में मतदाता की पंजीकरण प्रक्रिया को मजबूत बनाए बिना चुनाव प्रक्रिया में सुधार संभव नहीं है।
कुल मिलाकर, कांग्रेस का यह कदम और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कड़े तेवर राज्य की राजनीतिक पृत्थवी पर प्रभाव डालने वाले हैं। वे हरियाणा के आम नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए सशक्त प्रयास कर रहे हैं, ताकि हर वोट की न्यायसंगत गिनती हो सके।




