चीन ने पूर्व रक्षा मंत्री को सैन्य भ्रष्टाचार के व्यापक अभियोजन में मौत की सजा सुनाई

बीजिंग से रिपोर्टिंग: चीन की सरकार ने अपने व्यापक सैन्य भ्रष्टाचार खिलाफ अभियान के तहत पूर्व रक्षा मंत्रियों वेई फेंघे और ली शांगफू को मौत की सजा सुनाई है, जिसमें दो साल की कैद अवधि के साथ मुकदमा चलाया जाएगा। यह कदम राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भ्रष्टाचार विरुद्ध अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य न केवल राजनीतिक बल्कि सैन्य अभिजात वर्ग में व्यापक सुधार लाना है।
वेई फेंघे और ली शांगफू दोनों आरोपित पाए गए हैं कि उन्होंने भ्रष्टाचार संबंधित कृत्यों में लिप्तता दिखाई। इससे पहले ली शांगफू पर दुरुपयोगकर्ताओं के लिए कर्मचारी नियुक्ति में अनुचित लाभ लेने का भी आरोप था। कथित तौर पर भ्रष्टाचारी गतिविधियों में शामिल दोनों अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए निजी और सार्वजनिक संसाधनों का लाभ उठाया।
चीनी सेना और राजनीतिक संस्थानों में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पसंदीदा रणनीति रही है, जिसने सत्ता संभालने के बाद से अभिजात वर्ग में व्यापक सफाई अभियान चलाया है। इसका मकसद सरकार की विश्वसनीयता और सैन्य मजबूती को बहाल करना बताया जा रहा है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दी जाएगी ताकि देश में भ्रष्टाचार पर नकेल कसी जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से चीन की सशस्त्र सेना में अनुशासन और नैतिकता की भावना को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यह कदम यह संदेश भी देता है कि कोई भी सरकारी अधिकारी कानून से ऊपर नहीं है। इस अभियान के तहत कई अन्य वरिष्ठ सैन्य और राजनीतिक अधिकारियों की भी जांच जारी है, जिससे पुरानी पारस्परिक हितों की जटिलताओं पर अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, इस कदम के चलते चीन की आंतरिक राजनीति में कई तरह के बदलाव आने की संभावना जताई जा रही है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मामले को कड़ी नजर से देखा जा रहा है। चीन की सेना और सरकारी संस्थानों के पारदर्शिता के प्रति यह ऐतिहासिक प्रयास माना जा रहा है।




