वादों के बावजूद, CBSE की पुनर्मूल्यांकन पोर्टल अभी तक निष्क्रिय है

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के छात्रों के लिए पुनर्मूल्यांकन पोर्टल को लेकर निराशा का माहौल बना हुआ है। अधिकारियों के वादों के बावजूद यह पोर्टल अभी तक सक्रिय नहीं हो पाया है, जिससे हजारों छात्रों को अपनी मूल्यांकन रिपोर्ट सुधारने में देरी का सामना करना पड़ रहा है।
CBSE ने इस पोर्टल के लॉन्च की कई बार घोषणा की थी और अधिकारियों ने बताया था कि पोर्टल आज रात 12 बजे से पहले सक्रिय हो जाएगा। हालांकि, अब तक पोर्टल की वेबसाइट पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं हुई है। छात्रों और अभिभावकों में इसके कारण असंतोष व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार, बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी समस्याओं के कारण पोर्टल को लाइव करने में देरी हो रही है, लेकिन उन्होंने यह भी आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द इसे चालू किया जाएगा ताकि छात्र बिना किसी बाधा के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकें।
पुनर्मूल्यांकन पोर्टल छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके माध्यम से वे गलत आंवकों की जांच कराकर माक्र्स बढ़वा सकते हैं, जो स्कालरशिप, कॉलेज एडमिशन और करियर के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं। इससे छात्रों की मानसिक स्थिति पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पोर्टल संचालन में ज्यादा देरी होती रहती है, तो यह छात्रों के शैक्षणिक समयसीमा को प्रभावित कर सकता है और कई मामलों में उन्हें अनावश्यक तनाव में डाल सकता है। इसलिए अधिकारियों से जल्द प्रभावी और स्थायी समाधान की उम्मीद की जा रही है।
वर्तमान स्थिति में CBSE के अभिभावक और विद्यार्थी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी इस मुद्दे को लेकर अपनी नाराजगी जता रहे हैं और बोर्ड से जल्द समाधान की अपील कर रहे हैं।
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि CBSE का पुनर्मूल्यांकन पोर्टल जल्द से जल्द चालू होना चाहिए, ताकि छात्रों को उनकी मेहनत के अनुसार सही मूल्यांकन मिल सके और उन पर से अनावश्यक दबाव हटे। बोर्ड की प्रतिक्रिया और सुधारात्मक कदम पर सभी की निगाहें बनी हुई हैं।




