hi Hindi en English ur Urdu
राष्ट्रीय

भारत और इटली यूक्रेन तथा पश्चिम एशिया संघर्षों पर निरंतर संपर्क में हैं: पीएम मोदी

भारत-इटली संबंध: विशेष रणनीतिक साझेदारी का स्वागत

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और इटली के बीच खींचे जा रहे द्विपक्षीय संबंधों को ‘विन-विन साझेदारी’ बताते हुए दोनों देशों के बीच साझेदारी को विशेष रणनीतिक स्तर तक अपग्रेड करने का स्वागत किया है। यह अपग्रेडेशन दोनों देशों के बीच मजबूत कारोबारी, सांस्कृतिक और कूटनीतिक रिश्तों को और गहरा करेगा।

पीएम मोदी ने हाल ही में एक आधिकारिक कार्यक्रम में कहा कि भारत और इटली के संबंध सदैव से मित्रभाव और सहयोग की मिसाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देश यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों को लेकर लगातार संपर्क में हैं, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता और शांति का मार्ग खोजा जा सके। उन्होंने जोर दिया कि इस साझेदारी से सिर्फ दोनों राष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरी विश्व समुदाय को लाभ होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत और इटली का संबंध केवल राजनयिक या आर्थिक संबंध नहीं है, बल्कि यह विश्वास और साझा हितों पर आधारित गहरी दोस्ती है।” उन्होंने दोनों देशों के मध्य तकनीकी, विज्ञान, ऊर्जा, उद्योग, संस्कृति, और शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी प्रकाश डाला।

विशेष रणनीतिक साझेदारी के तहत, भारत और इटली कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर कर रहे हैं, जो व्यापार, निवेश, रक्षा और पर्यावरण क्षेत्र में दोनों देशों के हितों को मजबूत करेंगे। इस पहल से दोनों देशों के बीच निवेशकों के लिए नई संभावनाएं खुलेंगी और नवाचार के क्षेत्र में साझा प्रयासों को गति मिलेगी।

इटली के प्रधानमंत्री द्वारा भी इस नवीन साझेदारी को लेकर उत्साह व्यक्त किया गया और भारत के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए तत्परता दिखाई गई। दोनों देशों ने इस अवसर पर भविष्य में संयुक्त वार्ता, तकनीकी सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

विशेष रणनीतिक साझेदारी से भारत और इटली को वैश्विक मंचों पर भी सहयोग को और मजबूत करने में मदद मिलेगी, जैसे कि ग20, संयुक्त राष्ट्र, और अन्य बहुपक्षीय मंच। यह साझेदारी दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी नई ऊर्जा का संचार करेगी।

निष्कर्षतः, भारत-इटली के बीच इस नए अध्याय को दोनों देशों के नेतृत्व और जनता के बीच गहरे विश्वास का परिणाम माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

Source

Related Articles

Back to top button