MIT-बेंगलुरु ने CMTI सुविधाओं का उपयोग कर भविष्य-केंद्रित सेमीकंडक्टर टैलेंट पाइपलाइन तैयार की

बेंगलुरु: मसान इन्स्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) बेंगलुरु ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सेमीकंडक्टर निर्माण प्रक्रिया में छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए सेंटर फॉर माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स (CMTI) की सुविधाओं का इस्तेमाल करना शुरू किया है। यह कार्यक्रम खासतौर पर उन अंडरग्रेजुएट छात्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है जिन्हें भारत में पारंपरिक रूप से उपलब्ध सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्रक्रियाओं तक सीमित पहुंच मिलती है।
सेमीकंडक्टर उद्योग की तेजी से बढ़ती मांग को देखते हुए MIT बेंगलुरु का यह प्रयास न केवल तकनीकी शिक्षा के स्तर को बढ़ाएगा बल्कि देश में इस क्षेत्र के लिए जरूरी कुशल मानव संसाधन तैयार करने में भी मददगार साबित होगा। कार्यक्रम के तहत छात्रों को वास्तविक उपकरणों और फैब्रिकेशन तकनीकों के साथ काम करने का अवसर मिलेगा, जो उनके करियर को मजबूत बनाने में सहायक होगा।
MIT बेंगलुरु के विभाग प्रमुख डॉ. रवि कुमार ने बताया कि सेमीकंडक्टर तकनीक पर उनका केंद्र समस्या-समाधान के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण पर जोर देता है। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि हमारे छात्र भारत में उपलब्ध सीमित संसाधनों से आगे बढ़कर वैश्विक स्तर की तकनीकी योग्यता हासिल करें। CMTI की सुविधाएं हमें यह अवसर प्रदान कर रही हैं।”
CMTI, बेंगलुरु स्थित इस राष्ट्रीय स्तर के अनुसंधान प्रतिष्ठान, सेमीकंडक्टर और माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में भारत का अग्रणी संस्थान है। इसकी अत्याधुनिक लैब सुविधाएं और विशेषज्ञों की टीम छात्रों को उन्नत शिक्षा और प्रशिक्षण देती हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य है छात्र को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान करना ताकि वे भविष्य में सेमीकंडक्टर उद्योग में उत्कृष्ट भूमिका निभा सकें। इससे छात्रों को रोजगार की संभावनाओं में भी वृद्धि होगी, खासकर तब जब भारत सेमीकंडक्टर उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बढ़ रहा है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रायोगिक कार्यक्रम भारत में तकनीकी शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक होंगे। MIT और CMTI के बीच यह सहयोग अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
इस पहल से छात्र न केवल तकनीकी योग्यता बढ़ाएंगे बल्कि उद्योग की मांगों को बेहतर समझ सकेंगे, जिससे उनकी भविष्य की संभावनाएं और भी बेहतर होंगी।
इस प्रकार MIT बेंगलुरु और CMTI ने मिलकर देश के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विकास के लिए एक मजबूत आधारशिला रखी है, जो अनुसंधान, शिक्षा और उद्योग के बीच एक सेतु का काम करेगा।




