hi Hindi en English ur Urdu
टैकनोलजी

ट्रम्प प्रशासन ने पूरी नेशनल साइंस बोर्ड को हटा दिया

24 अप्रैल, 2024 को नेशनल साइंस बोर्ड के सदस्यों को अचानक सूचित किया गया कि उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया जा रहा है। इस कदम की जानकारी बोर्ड की सदस्यों योलांडा गिल और कीवान स्टास्सुन ने अपने ईमेल के बयान में साझा की। हालांकि, इस कार्रवाई का कोई औपचारिक कारण नहीं बताया गया है।

नेशनल साइंस बोर्ड, जो कि विज्ञान और तकनीकी नीतियों के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, के सदस्यों का अचानक हटाया जाना कई विशेषज्ञों के लिए एक आश्चर्यचकित कर देने वाला निर्णय माना जा रहा है। इस बोर्ड में शामिल सदस्य अमेरिका की प्रमुख विज्ञान नीतियों पर सलाह देते हैं और राष्ट्रीय अनुसंधान के लिए दिशानिर्देश स्थापित करते हैं।

योलाॅंडा गिल ने अपने ईमेल बयान में कहा, “हमें सूचित किया गया कि हम तत्काल प्रभाव से हटाए जा रहे हैं, लेकिन हमें कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है।” उनकी यह प्रतिक्रिया इस स्थिति की गंभीरता और अस्पष्टता को उजागर करती है। वहीं, कीवान स्टास्सुन ने भी इस अचानक हटाए जाने की जानकारी साझा की, लेकिन दोनों सदस्यों ने कोई नकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करने से बचते हुए अधिक जानकारी देने से इनकार किया।

विश्लेषकों का मानना है कि ट्रम्प प्रशासन द्वारा लिया गया यह कदम विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में एक विवादास्पद फैसला हो सकता है। पास में लीक हुई सरकारी नीतियां और बयान इस बात का संकेत देती हैं कि प्रशासन अपनी प्राथमिकताओं में बदलाव लाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन नेशनल साइंस बोर्ड को हटाने के पीछे की वास्तविक वजह फिलहाल अज्ञात है।

इस घटना के बाद अमेरिका में वैज्ञानिक समुदाय और नीति निर्धारक चैत्र में हड़कंप मचा हुआ है। कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने इस कदम की निंदा की है और इसे विज्ञान की स्वतंत्रता तथा नीति निर्धारण के लिए नुकसानदायक बताया है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि यह कार्रवाई प्रशासन द्वारा विज्ञान पर नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश हो सकती है, जिससे अनुसंधान की दिशा प्रभावित हो सकती है।

सरकार ने अभी तक इस कार्रवाई पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है और न ही बोर्ड सदस्यों के हटाए जाने के कारणों का खुलासा किया है। इस संदर्भ में आगे की जानकारी आने पर ही स्पष्ट होगा कि भविष्य में नेशनल साइंस बोर्ड की भूमिका और इसकी संरचना में क्या परिवर्तन होंगे।

यह कदम अमेरिका के विज्ञान नीति पर लंबे समय तक छाप छोड़ सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां राष्ट्रीय अनुसंधान और विकास के लिए बोर्ड की सहायता और मार्गदर्शन आवश्यक है। इस बीच, विशेषज्ञ और नागरिक भी प्रशासन से पारदर्शिता और स्पष्टता की मांग कर रहे हैं।

Source

Related Articles

Back to top button