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झारखंड

यूरोसाइबेरिया की ‘बैलेरिना’ ने भारत में पाया नया मंच

चेन्नई, 28 फरवरी 2026: भारत में सर्दियों के मौसम में डेमोइसल क्रेन की आमतौर पर गुजरात और राजस्थान में ही sightings होती हैं, लेकिन इस बार एक नई खबर मिली है। चेन्नई महानगरीय क्षेत्र से पहली बार डेमोइसल क्रेन के नजर आने की सूचना सामने आई है। तमिलनाडु में डेमोइसल क्रेन के अवलोकन की दूसरी ही सूचना है, जो कि तिरुनेलveli के विजयनारायणम टैंक से प्राप्त हुई थी।

नमन बोर और अमोग्घ चैटी ने चेन्नई के नम्मेली सॉल्ट पैन के पास लकड़ी के घास में इस अप्रत्याशित पक्षी को देखा और उसकी फीडिंग गतिविधियों का अध्ययन किया। नमन ने इसके बाद अगले तीन दिन भी वहां जाकर इस पक्षी को उसी स्थान पर खाना खाते हुए पाया। यह पक्षी अपनी मौजूदगी से उस इलाके के पक्षी प्रेमियों में उत्साह और आश्चर्य दोनों ही पैदा कर रहा है।

डेमोइसल क्रेन, सामान्यतः मध्य एशिया से मिलती है और भारत में विशेषकर ठंडी जगहों पर सर्दियों में प्रवास करती है। गुजरात और राजस्थान उसके प्राथमिक प्रवास स्थल माने जाते हैं, जहां बड़े पैमाने पर उनके झुंड देखे जाते हैं। चेन्नई में यह पहली बार देखने को मिला है, जो इस क्षेत्र के पक्षी विविधता और पर्यावरण परिवर्तनों का एक महत्वपूर्ण संकेत भी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह नई sighting स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र में बदलावों के साथ-साथ पक्षियों के प्रवास के नए मार्गों की ओर इंगित करती है। वे जोर देते हैं कि इस तरह की घटनाओं पर निरंतर नजर रखी जानी चाहिए, जिससे पक्षी संरक्षण और उनकी प्राकृतिक प्रवास पद्धतियों का बेहतर अध्ययन किया जा सके।

यह सकारात्मक खबर पक्षी प्रेमियों और पर्यावरणविदों के लिए खुशी की बात है, क्योंकि यह चीनी-सन सेतु के पारंपरिक रूट्स के अलावा अन्य स्थानों पर भी डेमोइसल क्रेन के फैलाव को दर्शाता है। आगे आने वाले समय में चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों में इस पक्षी के और भी sightings होने की उम्मीद है, जिसे लेकर क्षेत्रीय पक्षी संरक्षण समूह सक्रिय हो चुके हैं।

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