लद्दाख ने हटाया संधिग्ध सेवा नियम, एलजी विनय कुमार सक्सेना ने उच्च पदों के लिए योग्य कर्मचारियों का मार्ग साफ किया

लद्दाख में सरकारी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण सेवा नियम को रद्द कर दिया गया है, जो कि योग्य कर्मचारियों को उच्च पदों के लिए आवेदन करने से रोकता था। यह कदम lieutenant governor विनय कुमार सक्सेना की पहल पर उठाया गया है, जिन्होंने इस नियम को प्रतिबंधात्मक और कर्मचारियों के करियर विकास में बाधा मानते हुए इसे खत्म करने का निर्णय लिया।
पूर्व में यह नियम कर्मचारियों को अपनी उच्च शिक्षा योग्यताओं को नकारने के लिए हलफनामा देने पर मजबूर करता था, जिससे वे उच्च पदों के लिए आवेदन करने से वंचित रह जाते थे। इस प्रतिबंध ने कई योग्य उम्मीदवारों के कैरियर के मार्ग में अवरोध पैदा किया था, जिससे प्रशासनिक स्तर पर असंतोष भी फैल गया था।
एलजी विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि यह प्रावधान कर्मचारियों के लिए अनुचित था और उसे हटाना आवश्यक था ताकि सभी योग्य कर्मचारी अपनी प्रतिभा और दक्षता के अनुसार पदों के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकें। उन्होंने बताया कि इस बदलाव का तत्काल प्रभाव लागू कर दिया गया है।
इस नए निर्णय के तहत, अब लद्दाख प्रशासन के सभी योग्य कर्मचारी, जिन्हें पूर्व में सेवा नियमों की वजह से सीमित किया गया था, वे स्नातक स्तर के पदों पर आवेदन कर सकते हैं। इस पहल से कर्मचारियों के लिए करियर की संभावनाएं और भी व्यापक होंगी और वे अपनी योग्यताओं के मुताबिक उच्च पदों पर पहुंच सकेंगे।
विश्लेषकों के अनुसार, इस तरह के सुधार से न केवल कर्मचारियों में उत्साह और प्रेरणा बढ़ेगी, बल्कि प्रशासन में भी दक्षता और पारदर्शिता होगी। राज्य के विकास के लिए सक्षम और समर्थ नेतृत्व की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह कदम आवश्यक और स्वागत योग्य है।
स्थानीय कर्मचारी और अधिकारी इस फैसले से उत्साहित हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि भविष्य में भी प्रशासन ऐसे सुधार करता रहेगा जो कर्मचारियों के हित में हों। इस निर्णय से लद्दाख का प्रशासनिक ढांचा और भी सशक्त और कर्मठ होगा, जिससे क्षेत्र की प्रगति को मजबूती मिलेगी।




