एथेनॉल का उपयोग सतत उड़ान ईंधन में कैसे होता है

नई दिल्ली, 27 अप्रैल 2024। सतत विमानन ईंधन (Sustainable Aviation Fuel – SAF) के क्षेत्र में एथेनॉल के उपयोग को लेकर हाल ही में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। जबकि बायोएथेनॉल को सीधे जेट इंजनों में चलाना कई तकनीकी चुनौतियों से घिरा हुआ था, हाल के अनुसंधान और विकास ने ATJ (Alcohol-to-Jet) तकनीक के माध्यम से इस समस्या का समाधान निकाला है।
ATJ प्रक्रिया के तहत, कच्चे एथेनॉल को सीधे जेट इंजन में उपयोग नहीं किया जाता, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि ईंधन न तो थ्रस्ट कम करेगा और न ही फ्यूल लाइन में नमी अवशोषित करके उन्हें जाम करेगा। यह तकनीक उड्डयन उद्योग के लिए एक बड़ी क्रांति साबित हो रही है, खासकर जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में।
विशेषज्ञों का मानना है कि एथेनॉल आधारित SAF पारंपरिक जेट ईंधन की तुलना में पर्यावरण के लिए अधिक अनुकूल है। ATJ प्रक्रिया की मदद से एथेनॉल को हाइड्रोकार्बन में परिवर्तित किया जाता है, जो जेट इंजन की आवश्यकताओं को पूरा करता है। इससे न केवल कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है, बल्कि विमानन क्षेत्र की ईंधन सुरक्षा में भी बढ़ोतरी होती है।
विमानन उद्योग में यह मान्यता बनी हुई है कि SAF को बढ़ावा देना आवश्यक है ताकि वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखा जा सके। भारत सहित कई देश अपनी उड़ानों के लिए स्थायी ईंधन विकल्पों की खोज कर रहे हैं। एथेनॉल से बने SAF पर्यावरण की दृष्टि से लाभकारी होते हुए भी आर्थिक रूप से भी प्रतिस्पर्धी बने हैं।
सरकारी और निजी दोनों स्तरों पर इस दिशा में सक्रिय प्रयास जारी हैं। वे ईंधन मिश्रण की गुणवत्ता सुधारने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और वितरण नेटवर्क को मजबूत करने पर काम कर रहे हैं ताकि SAF को बड़े पैमाने पर अपनाया जा सके।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि ATJ प्रक्रिया के कारण दीर्घकालिक रूप में विमानन क्षेत्र में कच्चे एथेनॉल के उपयोग से ईंधन किफायती बन सकता है, जिससे बड़े पैमाने पर उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, यह कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाले देशों के लिए रोजगार सृजन का भी एक माध्यम है।
इस प्रगति के आधार पर कहा जा सकता है कि एथेनॉल का समुचित और वैज्ञानिक उपयोग सतत विमानन ईंधन में पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा सुरक्षा दोनों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और किफायती उड़ान सेवा मिल सकेगी।




