यूके ने 2008 के बाद जन्मे लोगों के लिए तम्बाकू उत्पाद खरीदने पर प्रतिबंध लगाने वाला बिल पारित किया

यूके ने ‘स्मोक-फ्री जनरेशन’ बनाने के उद्देश्य से नई तम्बाकू खरीद प्रतिबंध लागू किया
लंदन: यूनाइटेड किंगडम की सरकार ने एक महत्वाकांक्षी कदम उठाते हुए 2008 के बाद जन्मे लोगों को तम्बाकू उत्पाद खरीदने से रोकने वाला बिल मंजूर किया है। इस पहल का उद्देश्य धूम्रपान को पूरी तरह से समाप्त करके “स्मोक-फ्री जनरेशन” तैयार करना है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करेगा।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि इस नए कानून के तहत 2008 के बाद जन्मे किसी भी व्यक्ति को तम्बाकू और निकोटीन से जुड़े उत्पाद खरीदना प्रतिबंधित होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आने वाली पीढ़ी धूम्रपान की लत से दूर रहे और जन स्वास्थ्य पर तम्बाकू के हानिकारक प्रभाव कम हों।
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “यह कानून बदलाव एक बड़े सामाजिक परिवर्तन की नींव रखेगा, जिससे न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि समुदायों में तम्बाकू से जुड़ी बीमारियों की दर में भी गिरावट आएगी।” उन्होंने यह भी बताया कि इसे लागू करने के लिए नई निगरानी और प्रवर्तन प्रणालियां विकसित की जाएंगी।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि तमाम विशेषज्ञ और स्वास्थ्य संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है।उन्होंने कहा कि यह बिल युवाओं को तम्बाकू की तरफ आकर्षित होने से बचाएगा और लम्बे समय में स्वास्थ्य बजट पर पड़ने वाले बोझ को कम करेगा।
हालांकि इस कानून के विरोध में तम्बाकू उद्योग और कुछ उपभोक्ता समूह भी हैं, जिन्होंने इसे व्यक्तिगत आजादी पर लगाम लगाने जैसा बताया है। इसके बावजूद सरकार ने साफ किया है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सर्वोपरि है और इस दिशा में कोई समझौता नहीं होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यूके की यह पहल अन्य देशों के लिए उदाहरण साबित हो सकती है और विश्व स्तर पर तम्बाकू नियंत्रण नीतियों को मजबूत कर सकती है। सरकार ने सभी स्थानीय निकायों से अनुरोध किया है कि वे इस बदलाव को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।
इस सुधार के माध्यम से यूके पेश करना चाहता है एक ऐसी पीढ़ी जो तम्बाकू मुक्त, स्वस्थ और समृद्ध हो, जिससे समाज का प्रत्येक वर्ग लाभान्वित हो। आने वाले महीनों में इसके कार्यान्वयन से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी ताकि सभी नागरिक इस बदलाव के लिए तैयार रह सकें।




