भारत एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में: हेगसेथ ने इंडो-पैसिफिक सुरक्षा में भारत की भूमिका की प्रशंसा की

वॉशिंगटन, 26 अप्रैल: अमेरिका के एक प्रमुख सुरक्षा विशेषज्ञ हेगसेथ ने भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक एंकर बताते हुए प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि भारत की भूमिका क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है।
हेगसेथ ने इस अवसर पर अमेरिकी सहयोगियों और भागीदार देशों से भी अपनी रक्षा प्रतिबद्धताओं को बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए संयुक्त रणनीति और मजबूत साझेदारी आवश्यक हैं।
उन्होंने विशेष रूप से Indo-Pacific क्षेत्र में विस्तारवादी गतिविधियों और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। ऐसा कहा जा रहा है कि भारत, अमेरिका और अन्य क्षेत्रीय शक्तियां मिलकर साझा हितों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा कर सकती हैं।
हेगसेथ ने अपने वक्तव्य में कहा, “भारत एक मजबूत स्तंभ के रूप में स्थिति में है जो इस क्षेत्र की सुरक्षा रेखा को बनाए रखने में मदद करता है। इसके बिना Indo-Pacific क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करना मुश्किल होगा।”
उन्होंने अपने सहयोगियों से संसाधनों और तकनीकी सहयोग बढ़ाने की भी अपील की ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके। यह बयान ऐसे समय में आया है जब चीन और अन्य देशों के बढ़ते सैन्य क्रियाकलापों ने Indo-Pacific क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ा दी है।
विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका का भारत पर भरोसा और इस तरह की सार्वजनिक प्रशंसा भारत-यूएस संबंधों को और गहरा करने का संकेत है। दोनों देश आर्थिक, कूटनीतिक और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं, जो क्षेत्रीय गतिशीलता को प्रभावित कर सकता है।
इस बीच, भारत ने लगातार संकेत दिए हैं कि वह Indo-Pacific क्षेत्र में अपने रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत समुद्री डोमेन जागरूकता बढ़ाने, संयुक्त सैन्य अभ्यास में भाग लेने और रक्षा अधिग्रहण में प्रगति शामिल है।
हेगसेथ के बयान को भारत के विदेश मंत्रालय ने भी सकारात्मक सराहना दी है और कहा है कि दोनों देश मिलकर क्षेत्र में शांति और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, हेगसेथ का यह वक्तव्य Indo-Pacific क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका और क्षेत्रीय सुरक्षा पर बदले हुए भू-राजनीतिक परिदृश्य का एक सटीक प्रतिबिंब है। आगामी महीनों में इस सहयोग की और पुष्टि होती दिख सकती है।




