झारखंड: मुख्यमंत्री ने भीषण लू के बीच पेयजल की निर्बाध आपूर्ति के निर्देश दिए

रांची। झारखंड में भीषण लू और बढ़ती गर्मी के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य भर के जिला प्रशासन और अधिकारियों को जनता को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। शनिवार को जारी निर्देशों में उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों और सरकारी प्रतिष्ठानों के आस-पास पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था होना अनिवार्य है ताकि आम नागरिकों को इस भीषण गर्मी में राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, थाना एवं सर्कल अधिकारियों, ब्लॉक विकास पदाधिकारियों तथा पंचायत प्रतिनिधियों को पेयजल की गुणवत्ता और आपूर्ति पर विशेष ध्यान देने को कहा है। उन्होंने कहा कि जल संकट से निपटने के लिए जल टैंकर तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में भेजे जाएं और खराब हुए हैंडपंपों की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाए। जहां आवश्यक हो, वहां जल आपूर्ति के वैकल्पिक साधन भी तैनात किए जाएं।
सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस विषय में स्पष्ट बयान देते हुए कहा कि प्रशासन को इस मामले में पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करना होगा। उनका आग्रह था कि किसी भी गाँव, बस्ती या मोहल्ले को पेयजल की कमी से जूझना न पड़े। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी अधिकारी इस जिम्मेदारी को गंभीरता से लें और मानवता के नजरिए से सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि वर्तमान भीषण गर्मी की वजह से तापमान कई जिलों में 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है, जिससे लोगों को भारी कष्ट हो रहा है। सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी स्थान पर पानी की कमी से कोई जनहित प्रभावित न हो। त्वरित और प्रभावी उपाय करके संक्रमण और स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव किया जाएगा।
मुख्यमंत्री का यह निर्देश प्रशासन को बेहतर जल प्रबंधन और आपूर्ति व्यवस्था पर काम करने के लिए प्रेरित करता है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से पेयजल की मांग को पूरा करने हेतु समन्वित प्रयास किये जाएंगे। इस पहल से उम्मीद है कि गर्मी का प्रकोप कुछ हद तक कम होगा और आम जनता को राहत मिलेगी।
झारखंड सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि लू से बचाव के लिए और अधिक ठंडे पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ लोगों को जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा ताकि वे सावधानीपूर्वक रह सकें। साथ ही, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भी जल संकट के प्रभाव को कम करने विशेष कदम उठाए जाएंगे।
इस प्रकार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देशों के अनुपालन में राज्य प्रशासन ने पेयजल की नियमित आपूर्ति को प्राथमिकता बनाकर जनता को गर्मी के प्रकोप में सुरक्षा एवं सुविधा प्रदान करने का संकल्प लिया है।




