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राजनीति

नव निर्वाचित विधायक शपथ ग्रहण करते हुए 16वीं केरल विधानसभा का समवेश

कोच्चि, 28 अप्रैल 2024: केरल की 16वीं विधानसभा का उद्घाटन समारोह सोमवार को सम्पन्न हुआ, जिसमें नव निर्वाचित विधायकों ने शपथ ग्रहण की। इस आधिकारिक कार्यक्रम का सफल संचालन प्रोटेम स्पीकर जी. सुधाकरण ने किया। लगभग तीन घंटे और तीस मिनट चले समारोह में विधायकों ने विधिवत तौर पर सदस्यता ग्रहण की और विधानसभा के आगामी कार्यकाल की तैयारियां शुरू हुईं।

शपथ ग्रहण समारोह राज्य की राजधानी त्रिवेंद्रम में हुआ, जहां सभी पार्टियों के प्रतिनिधि एकत्रित हुए। प्रोटेम स्पीकर जी. सुधाकरण ने विधायकों को मुख्य रूप से सतर्क, निर्विवाद और नागरिकों की सेवा के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि 16वीं विधानसभा की कार्यवाही राज्य के विकास और जनता की बेहतरी की दिशा में सार्थक निर्णय लेने वाली होगी।

समारोह के दौरान सभी विधायकों ने संविधान की शपथ ली। इस अवसर पर मौजूद राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता और आम जनता ने विधायकों को शुभकामनाएं दीं। इस बार विधानसभा में महिला विधायकों और युवा नेताओं की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है, जो भविष्य में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगाती है।

राज्य के तमाम मीडिया संस्थान इस ऐतिहासिक क्षण को कवर करते हुए लिख रहे हैं कि केरल की 16वीं विधानसभा जनहित के मुद्दों पर विशेष ध्यान देगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार जैसे क्षेत्र इस बार विधानसभा की प्राथमिकताओं में बने रहेंगे।

सदन की कार्यवाही में प्रोटेम स्पीकर द्वारा विधायकों को संबोधित किया गया, जिसमें उन्होंने सभी से पारदर्शिता और जनभावनाओं का सम्मान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विधायकों का कर्तव्य होगा कि वे अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाएं और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

इस प्रकार, केरल विधानसभा के नए सदस्य राज्य की जनता के लिए नयी उम्मीदें लेकर आए हैं। आगामी दिनों में इस विधानसभा से उभर कर आने वाले निर्णयों से प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक स्वरूप में नई ऊर्जा का संचार होगा।

इसके साथ ही, विधायकों के शपथ ग्रहण समारोहमें तकनीकी सुधार और कोरोना प्रोटोकॉल का भी कड़ाई से पालन किया गया, जिससे उद्घाटन कार्यक्रम पूरी तरह व्यवस्थित और सुरक्षित रहा।

इस नए सत्र की शुरुआत के साथ ही सभी की निगाहें इस विधानसभा के निर्णयों पर टिकी हैं, जो आगे केरल के सामाजिक-आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।

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